मुनाफा सिर्फ परिणाम है

1. हम विद्यार्थी को इस तरीके से तैयार करे की वो विद्यालय मे ही सब कुछ सीख जाये
 उसे कहीं और सीखने के लिए जाने की जरूरत ना पड़े
2. अध्यापक को नि:स्वार्थ भाव से विद्यार्थी को पढ़ाना चाहिए
3. अध्यापकों का आपस में तालमेल होने के साथ -साथ एक - दूसरे के प्रति सम्मान की
 भावना भी होंनी चाहिए
4. शिक्षक और अभिभावक एक - दूसरे केसंपर्क में होने चाहिए
5.अगर विद्यालय का वातावरण उत्तम होगा तो अधिक से अधिक अभिभावक अपने बच्चों
   को उस विद्यालय में प्रवेश दिलाना चाहेंगे

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हमारी सीख - आइसक्रिम मेकर, लेखक - सुबीर चौधरी |
समूह अध्यापकगण: आयशा टाक, प्रेरणा राठौड़ & सुरेश नेगी - The Fabindia School
Email sni4fab@gmail.com

1 comment:

Rajeshree Shihag said...

Beautiful thoughts, lets implement at our school and lets say NO to tusions.

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