गुणवत्ता ग्राहकों द्वारा परिभाषित होती है !

यह एक कटु सत्य है कि किसी भी वस्तु की गुणवत्ता और उपियोगिता उसके ग्राहकों द्वारा तय की जाती है ! 
इसी वाकय को हम सकूल से जोड़कर देखे तो कह सकते है कि बच्चे ग्राहक है, वे ही अध्यापक की गुणवत्ता का परिचय देंगे !
अधयापक को अपने ग्राहकों के संतुष्ट का पूरा ध्यान रखना होगा ! उनकी न्यूतनम उम्मीद पूरी करना, बालको को विविधता प्रदान करना, हर पल  आनदायक बनाना,कुछ अतिरिक्त देने का प्रयास कर उनका ध्यान आकर्षित करना आदि लक्ष्यों पर काम करना होगा !
विध्यालय की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए जरूरी है की विध्यालय प्रशासन, शिक्षकों और शैक्षिक कार्यकर्मो में  तालमेल  हो  |कक्षा में वातावरण बनाये रखना जिसमे शिक्षा के साथ अन्य गतिविधिया भी सिखाई जाए | पाठ्यपुस्तक के अलावा भी बाहरी ज्ञान दिया जाए,  बच्चो की ग्रहण क्षमता के अनुरूप ही पाठ्यपुस्तक पर कार्य किया जाए |

हमारी सीख : पुस्तक - आइसक्रीम मेकर से

लेखक - सुबीर चौधरी
अध्यापक गण : विम्मी राजपुरोहित , ज़फर खान , मोनिका वैष्णव , गजेंद्र मेवाड़ा - The Fabindia School
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