गुणवत्ता के लिए हर व्यक्ति ज़िम्मेदार है।


गुणवत्ता के लिए हर व्यक्ति ज़िम्मेदार है; ये वाक्य एक गुणवत्ता पूर्ण विद्यालय और शिक्षक पर चरितार्थ होती है। इसके अनुसार प्रभावपूर्ण शिक्षण के लिए हमे स्वयं का अवलोकन करना चाहिए जिससे हम अपनी कमियों को पहचान सकते है।
जिस प्रकार एक आइस क्रीम बेचने वाला अपने उत्पाद में गुणवत्ता बढ़ाने के लिए उनके उपभोक्ताओं से सुधारात्मक सुझाव लेता है उसी प्रकार एक शिक्षक और शिक्षण संस्था को अपने प्रभावी शिक्षण और प्रबंधन के लिए अभिभावकों,विद्यार्थियों और अपने सहकर्मियों से नियमित अंतराल पर सुधारात्मक सुझाव लेने चाहिए । तभी हमे यह अनुमान होगा कि हमारे किस क्षेत्र में कमियां है और सुधार की आवश्यकता है। हम इन क्षेत्रों को खोज कर उन पर निर्माणात्मक कार्य कर सकेंगे। छात्रों में रोचकता ,सृजनात्मकता एवं कौशलता को विकसित कर सकेंगे।कक्षाकक्ष में शिक्षक को प्रभावी शिक्षण विधियों का प्रयोग कर छात्रों में अधिगम को प्रभावी बनाना एवं
उच्च परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।कक्षा में छात्रों का नियमित ओर निरंतर मूल्यांकन करके अर्थात माता - पिता को छात्रों के विकास की प्रतिक्रिया देने, अन्यविषयों के शिक्षक को प्रतिक्रिया देना और बच्चो के बीच अध्ययन समस्याओ के समदगं के लिए हल निकलना। इसके लिए शिक्षक और छात्र दोनों ही सीखने पर अपना ध्यान केंद्रित कर। विद्यालय समुदाय में सभी को मिलजुलकर एक दूसरे की समस्या समाधान करके शिक्षण को प्रभावी और गुणवत्तापूर्ण बना सकते है।
हमारी सीख- आइस क्रीम मेकर से
समूह सदस्य- उर्मिला राठौर,राजेश्वरी राठौर, कुसुम शर्मा & इशु चौहान - The Fabindia School

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