गुरुवाणी


                                   बदलाव


  जब हम कभी किसी बुरी हालत का सामना कर रहे होते हैं  तो हम सोचते हैं कि क्या करें, क्योंकि इतनी जल्दी तो सब कुछ बदल नहीं  सकता है और क्या पता मेरा ये बदलाब कोई असर करेगा भी या नहीं | लेकिन इतना तय है कि बदलाब की शुरुआत बहुत ही साधारण ढंग से होती है | कई बार तो हम हार मान लेते हैं कि हमारे अकेले बदलने से तो कोई बदलाव नहीं आएगा जबकि अपने पर भरोसा रख कर किया जाने वाला बदलाव हमारी जिंदगी में एक नींव का पत्थर भी साबित हो सकता है | एक कहानी के माध्यम से आपको समझाते हैं कि छोटा सा बदलाव किस तरह महत्वपूर्ण है |


एक लड़का रोज सुबह सैर के लिए जाया करता था | वह देखता कि एक महिला तालाब के किनारे बैठी छोटे - छोटे कछुओं  की पीठ को साफ़ किया करती थी | एक दिन उस लड़के ने इसके पीछे का कारण जानने की सोची | वो लड़का महिला के पास गया और बोला कि आप हमेशा इन कछुओं की पीठ को क्यों साफ़ करते हो | महिला ने जवाब दिया  " मैं हर रोज़ जहाँ एक घंटे के लिए आती हूँ  और इन छोटे - छोटे कछुओं की पीठ को साफ़ करके  शांति का अनुभव लेती हूँ |" क्यों कि इनकी पीठ पर जो कवच होता है उस पर पानी की वजह से कचरा जम जाता है जिसके कारण इनकी गर्मी पैदा करने की क्षमता कम हो जाती है | कुछ समय बाद तक अगर ऐसा ही रहे तो ये कवच कमज़ोर हो जाते हैं इसलिए कवच को साफ़ करती हूँ |
यह सुनकर लड़का बड़ा हैरान हुआ | उसने फिर सवाल किया कि माना आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं लेकिन फिर भी एक बात सोचिये कि इन जैसे कितने और भी कछुए हैं जो इनसे भी बुरी हालत में हैं जबकि आप सभी के लिए ये नही कर सकते तो उनका क्या, क्योंकि आपके अकेले के बदलने से तो कोई बदलाव आएगा ही नहीं |इस पर महिला ने बड़ा ही असरदार जवाब दिया कि भले ही मेरे इस छोटे से कर्म से दुनिया में कोई बड़ा बदलाव नहीं आयगा लेकिन सोचो इस एक कछुए की जिन्दगी में तो बदलाव आयगा ही न | तो क्यों न हम छोटे बदलाव  से ही शुरुआत करें |
जब तक आप अपने में  बदलाव नहीं लाएँगे तब तक आप समाज के अंदर बदलाव नहीं ला सकते | इसलिए अपने आप को बदलो

asa.av@dbntrust.in

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